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हम कौन है

इन मूक प्राणियों की जीने इच्छा को देखते हुए उनके संरक्षण हेतु "संत शिरोमणि आचार्य गुरुवार श्री विद्यासागर महाराज जी के परम प्रभावक शिष्य समता शिरोमणी १०८ श्री नियमसागर जी महाराज जी, १०८ श्री वृषभ सागरजी महाराजजी एवं १०८ सुपार्श्व सागरजी महाराजजी के सानिध्य में पूना (निगड़ी) में हुए २०१२ के चातुर्मास में संपूर्ण जैन समाज को एकत्र करने एवं उनकी प्रेरणा से गौ रक्षा का संकल्प लिया ।

जीवदया हमारे लिए एक कर्तव्य है
हमारा उद्देश
संस्था के माध्यम से गोशालाओं का संवर्धन कार्यक्रम शुरू करना
अलग अलग सामाजिक संस्था, हाईस्कूल मंडल इनको गोशाला का महत्व बताना और अधिक जानकारी देना
अलग अलग प्रकार की उपयोगिता, गोशालाओं की वजह से होने वाले फायदों को लोगो तक पहुँचाना
गोशालाओं के द्वारा मिलाने वाले उत्पादन और संस्था को मिलने वाले उजीत लाभ करा के देना
गोशाला विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में शिविर का आयोजन करना
गोशालाओं के उपक्रम बढ़ने के अलग अलग योजनाए शुरू करना
संस्था के जानकारी देने हेतु पुस्तिका प्रकाशित करना
स्थानिक संस्था, सरकारी गैर सरकारी अधिकारिओ से मार्गदर्शन लेना
पशु आरोग्य के बारे में मार्गदर्शन करना
आरोग्य शिविर लगाना
पहलेसे ही अस्तित्व में रहने वाली गोशालों को हर प्रकार की सहायता देना
हमारा संकल्प

कत्तलखानो में जा रहे मूक पशुओं को बचाने में

बूढ़ी गायों को गौशाला में सुरक्षित पहुँचाने के लिए परिवहन खर्च

जरुरत मंद गौशालाओ को चारा, घास, खाद्य व औषधि के लिए मदद करने में

वर्तमान में चल रही गौशाला के विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण करने में

स्वयं की एक गौशाला निर्माण करने के संकल्प की और आगे बढ़ने मे

गायों को बचाने के लिए
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